योगी आदित्यनाथ का बड़ा फैसला, स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला करने पर 7 साल की जेल

लखनऊ: पूरे देश में कोरोना नामक(Corona Virus) महामारी फैली हुई है और इन वजह से पिछले 1 महीने से पूरा देश का डाउन पर चल रहा है और इस महामारी से बचाने के लिए पूरे देश में स्वास्थ्य कर्मी जी जान से जुटे हुए हैं लेकिन पिछले कुछ दिनों इन पर हुए हमलों के बाद उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की योगी सरकार हरकत में आई हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath)ने बड़ा फैसला करते हुए स्वास्थ्य कर्मियों पर हमला करने वालों को असवैधानिक बताया है और उन्हें अपराध की श्रेणी में डाल दिया है।

7 साल की सजा का प्रावधान

योगी आदित्यनाथ ने एक प्रेस रिलीज जारी करते हुए बताया कि कोरोना वॉरियर्स पर हमला करने वाले लोगों पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी। मेडिकल स्टाफ पर हमला करने वालो लोगो को 5-7 साल की कारावास और 5 लाख तक का जुर्माने का प्रावधान रखा गया है। साथ मे अगर कोई मेडिकल टीम के वाहनों को नुकसान पहुचाता है तो उससे दोगुनी रकम वसूली जाएगी।

महामारी रोग अधिनियम में किया बदलाव

मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा के लिए कैबिनेट मिनिस्ट्री ने महामारी रोग अधिनियम 1897 में संशोधन किया है और अब इस अधिनियम का उल्लंघन करने वाले लोगों को गैर जमानती वारंट पर गिरफ्तार किया जाएगा। अपराध की जांच 30 दिनों के अंदर की जाएगी और दोषी पाए जाने पर अपराधी को 5 से 7 साल तक की जेल का प्रावधान इस अधिनियम में रखा गया है।

कई जगह पर हुआ था मेडिकल टीम पर हमला

कोरोनावायरस के खिलाफ इस जंग में भगवान बनकर सामने आई मेडिकल टीम पर कई जगह हमले हुए थे। मध्य प्रदेश के इंदौर में कोरोना संदिग्ध की जांच करने गई मेडिकल टीम पर पथरों से हमला किया गया था। जिसमे एक मेडिकल स्टाफ का आदमी घायल हो गया था। उसके बाद उस इलाके में कोरोना बम फूटा और एक के बाद एक वहां नए मरीज सामने आते रहे।