प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ साथ भाजपा के कई बड़े बड़े नेताओं ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 68वीं पुण्यतिथि पर बुधवार को उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के उनके प्रयासों को याद किया. पीएम ने ट्वीट कर कहा की श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर उन्हें याद कर रहा हूं. उनके महान आदर्श, समृद्ध विचार और लोगों की सेवा करने की प्रतिबद्धता हमें प्रेरित करती रहेगी. राष्ट्रीय एकता के उनके प्रयासों को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुखर्जी को सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का शिल्पी बताया और कहा कि वह ना सिर्फ मातृभाषा को शिक्षा का माध्यम बनाने के पक्षधर थे बल्कि मानते थे कि विकास में जनभागीदारी के बगैर कोई भी देश उन्नति नहीं कर सकता. शाह बोले- मुखर्जी ने भारत को पुनः विभाजन से बचाया,
उन्होंने कहा, उन्होंने सत्ता की लालसा नहीं बल्कि राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के ध्येय को लेकर जनसंघ की स्थापना की. , देश की अस्मिता और अखंडता की रक्षा के लिए अपना सबकुछ न्योछावर कर दिया. उनका त्याग, समर्पण और उनके आदर्श आने वाले कई युगो के युवाओ का मार्गदर्शन करते रहेंगे. ऐसे अभिजात देशभक्त के बलिदान दिवस पर उन्हें कोटिशः नमन.



































