आप हमेशा सुना होगा ईमानदारी से किये गए काम फल एक दिन जरूर मिलता है और ये बात सही साबित हुई महाराष्ट्र के शहर नांदेड़ की एक घटना सामने आई जहा भारी बारिश के बिच एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी एक व्यस्त जंक्शन पर अकेले ट्रैफिक व्यवस्था संभाल रहा था।यह शहर का ऐसा स्थान है जहां पूरे दिन वाहनों का आना जाना लग रहता है।
इस ट्रैफिक पुलिसकर्मी का नाम अशोक वाडेवले और इनकी उम्र 28 है अशोक वाडेवले को एक अच्छी खबर तब मिली जब उन्हें इस काम के लिए विभाग की ओर से 10 हजार रुपये नकद राशि पुरस्कार के तौर पर दी गई। एक पुलिस अधिकारी ने बुधवार को बताया कि ट्रैफिक पुलिसकर्मी वाडेवले को इतनी कठिन हालातो में भी पूरे समर्पण के साथ ड्यूटी करते देख कर डीआईजी ने सिफारिश की कि उन्हें 10 हजार रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया जाए। अशोक वाडेवले पुलिस बल में पिछले 28 साल से अपनी सेवाएं दे रहे हैं और नांदेड़ की ट्रैफिक ब्रांच के साथ वह साल 2017 से काम कर रहे हैं।
समाचार एजेंसी पीटीआई ने अनुसार इस पूरे घटनाक्रम को लेकर वाडेवले ने कहा, ‘मुझे पता नहीं था कि एक बड़े अधिकारी ने मुझे काम करते हुए देखा। सोमवार को मैं साठे चौक पर दोपहर दो बजे से रात नौ बजे तक ड्यूटी पर था। इस चौक पर ट्रैफिक की हालत कई बार इतनी गंभीर हो जाती है कि एक आदमी से संभाली नहीं जा सकती है। लेकिन फिर भी मैं अपनी ओर से पूरी कोशिश कर रहा था।’
इसके अगले दिन यानी मंगलवार को डीआईजी ने वाडेवले को अपने कार्यालय में बुलाया। वाडेवले कहते हैं कि जब डीआईजी ने मुझे बुलाया तो मैं परेशान हो गया था लेकिन कार्यालय पहुंचने के बाद मुझे इसका कारण पता चला और तब मुझे राहत मिली। मैं हमेशा अपनी ड्यूटी पूरी ईमानदारी के साथ करता हूं।’ इस पहल से उम्मीद है बाकी कर्मचारी भी प्रेरित होंगे।



































