प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में कोरोना महामारी के बढ़ते मामलो को देख देश में मेडिकल ऑक्सीजन को लेकर कई राज्यों में हो रही किल्लत का शुक्रवार को एक बैठक में जायजा लिया. सरकार की और से कए बयान में कई मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में पीएम मोदी ने सुझाव दिया कि प्रत्येक संयंत्र की क्षमता के मुताबिक अस्पताल में ऑक्सीजन का उत्पादन बढ़ाया जाना चाहिए.
इस समय कई राज्य के अलावा महाराष्ट्र मेडिकल ऑक्सीजन की कमी का संकट झेल रहे हैं.इससे पहले ही केंद्र सरकार ने विदेशों से 50 हजार मीट्रिक टन मेडिकल ऑक्सीजन को
मंगाने का निर्णय ले लिया है. देश में अबतक शुक्रवार के बाद 2 लाख से अधिक कोरोना के मामले दर्ज हुए हैं.
पीएम मोदी की यह समीक्षा बैठक तब हुई जब कोरोना से सबसे अधिक 12 राज्यों को चिन्हित किया,और इसे गुरुवार को पहले केंद्र सरकार ने चिन्हित किया मोदी ने देश में चिकित्सा ग्रेड की ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने की विस्तार से समीक्षा की. इस समीक्षा बैठक के अंतर्गत प्रधानमंत्री से स्वास्थ्य, इस्पात, सड़क परिवहन,औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग
मंत्रालयों की ओर से संबंधित जानकारियां साझा की गई.
इनमें हाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान शामिल हैं. केंद्र सरकार ने गुरुवार को फैसला लिया था कि न राज्यों को 20 अप्रैल, 25 अप्रैल और 30 अप्रैल को 4880 टन, 5619 टन और 6593 टन ऑक्सीजन प्रदान किया जाएगा. केंद्र ने विदेशों से भी ऑक्सीजन आयात करने का फैसला किया है.
प्रधानमंत्री मोदी ने देश में आक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए अभी के हालतो को देखते हुए और कोरोना संक्रमण से अधिक प्रभावित 12 राज्यों में आने वाले 15 दिनों में इसके अनुमानित इस्तेमाल की स्थिति की समीक्षा की. हर जिले के अनुसार स्थिति के बारे में एक विवरण प्रधानमंत्री को दिया गया प्रधानमंत्री को बताया गया कि केंद्र व राज्यों की सरकारें लगातार संपर्क में हैं और जहा आवस्य्क्ता ही वहाँ हिसाब से ऑक्सीजन की आपूर्ति कर दी गई है.

































